नई दिल्ली। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की शानदार सफलता के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय सेना ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ जी की उक्त पंक्ति के जरिये आतंक के आकाओं को कड़ा और दो-टूक संदेश दिया है। एक पत्रकार के पूछने पर सैन्य अधिकारी ने इस संदेश को और स्पष्ट करते हुए रामचरित मानस की चौपाई भी सुना दी-
‘विनय न मानत जलधि जड़, गये तीन दिन बीति।
बोले राम सकोप तब, भय बिनु होइ न प्रीति।।‘
पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को आतंकियों द्वारा 26 निर्दोष पर्यटकों की निर्मम हत्या मानवता के खिलाफ एक ऐसी घिनौनी बर्बरता थी, जिसने न केवल पूरे देश को झकझोर दिया, बल्कि सहनशीलता की सीमाओं को भी चुनौती दी थी।
आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 24 अप्रैल 2025 को मधुबनी (बिहार) की धरती से स्पष्ट शब्दों में ऐलान किया था, ‘पहलगाम हमले के दोषियों और साजिश रचने वालों को उनकी कल्पना से बड़ी सजा मिलेगी, और सजा मिलकर रहेगी। अब आतंकियों की बची-खुची जमीन को भी मिट्टी में मिलाने का समय आ गया है।‘
इसके बाद भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लांच कर जिस शौर्य, संयम, सटीकता और संकल्प के साथ पाकिस्तान स्थित आतंकियों के 9 ठिकानों पर सटीक प्रहार कर उसे तबाह कर दिया, उसने हर देशवासी को गर्व से भर दिया है।
इस ऑपरेशन से प्रधानमंत्री जी की घोषणा का एक-एक शब्द धरातल पर सच हुआ। बहावलपुर और मुरीदके स्थित प्रमुख आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर भारत ने आतंकी संगठनों को साफ संदेश दे दिया- मानवता के दोषियों को अब सजा मिलेगी और जरूर मिलेगी। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में कंधार विमान अपहरण कांड और पुलवामा हमले से जुड़े कई खूंखार आतंकियों का खात्मा भारतीय सरकार की नीति, नीयत और नेतृत्व में एकरूपता एवं स्पष्टता के कारण संभव हो पाया।
पाकिस्तानी सेना ने आतंकी संगठनों का ढाल बनने की हिमाकत की, तो भारतीय सेना ने सटीक रणनीति के साथ पाकिस्तान के 11 एयरबेस और 2 रडार केंद्र को तबाह कर उसकी सैन्य तैयारियों की कमर ही तोड़ दी।
यह नया भारत है- सशक्त, संयमित और शांतिप्रिय, लेकिन सीमा पार बैठे दुश्मनों को उनके घर में घुस कर सजा देने में सक्षम। अब वक्त है भारतीय सेना के शौर्य पर गर्व करते हुए, एकजुट होकर समर्थन करने का, ताकि हमारी सेना आगे भी दुश्मन की हर हिमाकत का ऐसे ही मुंहतोड़ जवाब देती रहे।
संजय झा, जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य










